ध्यान वह साधना है जहाँ हम बोलना नहीं, सुनना सीखते हैं — अपने मन की आवाज़, अपनी आत्मा की पुकार।
जब हम ध्यान में बैठते हैं, तो हमारे विचार धीरे-धीरे शांत होने लगते हैं और भीतर से एक अद्भुत स्पष्टता प्रकट होती है।
आज के समय में जहाँ तनाव और बेचैनी आम बात है, वहाँ ध्यान मानसिक संतुलन का सबसे सरल उपाय है।
सृजन योग के ध्यान सत्रों में विशेष रूप से श्वास (Breathing) पर ध्यान केंद्रित किया जाता है ताकि मन और शरीर दोनों को विश्राम मिले।
नियमित ध्यान से एकाग्रता, नींद और आत्मविश्वास में चमत्कारिक सुधार देखा जा सकता है।